जाट संत: Jat Sant - Tapa blanda

रनवीर सिंह

 
9798885913232: जाट संत: Jat Sant

Sinopsis

जाट समाज के संतों का समाज में ही नहीं अपितु संत समाज में एक विशिष्ट स्थान, मान सम्मान है . संतो के विषय में कहा गया है कि –  जाति न पूछो साधू की, पूछ लीजिए ज्ञान. मोल करो तलवार का, रखी रहने दो म्यान ..  संत सम्प्रदाय में फिर भी चर्चा होती है वहां पर भी जाति विषय चर्चित होता है . जिस प्रकार राजनीति क्षेत्र, सेवा क्षेत्र जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, आदि अपने पद व स्थान उस कार्य क्षेत्र और विशिष्टता के अनुरूप होती हैं परन्तु जाति से सम्बन्धित विषय भी आता है .  अत: जाट सन्तों का संकलन किया गया है जिससे उनके विषय में अधिक से अधिक जानकारी का अध्ययन हो सके .  ------- जाट - सन्त पुस्तक लेखन का उद्देश्य यह है कि जाट समाज के ऐसे संतों का विवरण समाहित किया जा सके जिन्होंने तत्कालीन समय में समाज से ऊपर उठकर मानव सेवा को सर्वोपरि माना है तथा  अपना सर्वस्व नौछावर किया है . और उनकी सेवाएं आज भी कालजयी हैं जो आज भी एक आम मानव को मानव सेवा हेतु अपने को समर्पण करने को प्रेरित करती हैं . यद्यपि सभी के जीवन परिचय का संकलन इस पुस्तक के माध्यम से सम्भव नहीं है . तथापि विभिन्न क्षेत्रो, विभिन्न कालों और विभिन्न कार्य क्षेत्रों के समावेश की भरसक कोशिश की गयी है . जिससे समाज में मानव सेवा की ललक जो पहले से ही विद्यमान है, निरन्तर बनी रहे .

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