प्रकृति प्रेरणा कव्य संग्रह - Tapa blanda

Badiger, Mallikarjun

 
9798349233364: प्रकृति प्रेरणा कव्य संग्रह

Sinopsis

यह काव्य संग्रह मेरी मूल कन्नड़ पुस्तक 'प्रकृति प्रेरणे कवन कृति' से अनुवादित है।

इस सुंदर कवन कृति में कवि डॉ. मल्लिकार्जुन बड़िगेर ने प्रकृति को वैज्ञानिक, पौराणिक और दार्शनिक दृष्टिकोण से देखा है। सृष्टि के बहुमुखी स्वरूप को अत्यंत कलात्मक और गहन रूप से चित्रित किया है। मनोहर रूपक और उपमानों का प्रयोग सराहनीय है। कवि के दार्शनिक चिंतन की गहराई अद्भुत है। पर्यावरण की उपेक्षा करने वालों के लिए यह एक चेतावनी का संदेश है।

यह सृष्टि-स्थिति-लय के चक्र, मनुष्य की भावनाओं, सभ्यता के उत्थान-पतन और जीवन के मूलभूत सत्यों को अद्भुत रूप से विवेचित करने वाली एक कलाकृति है। यह मनुष्य के अस्तित्व, आश्रय, काल और ब्रह्मांड के रहस्यों को खोजने का उत्तम प्रयास है। दार्शनिक तत्वों को काव्यात्मक रूप से प्रस्तुत कर, ज्ञानोदय का प्रकाश बिखेरने वाली एक सुंदर काव्यकृति।

"वृक्षों के बीज-संतानों से अलग कर दिए जाने पर भी, तुम उनके भविष्य की आशा हो" - इन पंक्तियों के माध्यम से, पारिस्थितिकी तंत्र में सब कुछ परस्पर आश्रित है, इस सत्य को कवि सहजता से, परंतु गंभीरता से इंगित करते हैं। यह संग्रह पाठकों को केवल काव्यानंद के लिए नहीं, आत्मचिंतन के लिए भी ले जाता है। प्रकृति को फिर से देखने, सुनने और अनुभव करने की संवेदनशीलता को जागृत करने वाली ये कविताएँ पाठकों के मन में दीर्घकाल तक ठहरें, यही आशय है।

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