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tere preet mere geet (Edition1) - Tapa blanda

Pradeep Malik

 
9789371823623: tere preet mere geet (Edition1)

Sinopsis

'यह पुस्तक कवि की भावनाओं और उनके परिवार के प्रत्येक रिश्ते के प्रति उनके दृष्टिकोण को समर्पित है। इसकी खूबसूरती यह है कि हर पाठक इन कविताओं को अपने प्रियजनों से जोड़ सकता है और उन्हें समर्पित कर सकता है। यह संग्रह पारिवारिक बंधनों को मजबूत करता है और संयुक्त परिवार में प्रेम और एकता की अवधारणा को पुष्ट करता है।

पुस्तक कवि की प्रिय माँ की स्मृति में समर्पित है, जिनका आशीर्वाद कवि को सदैव मिला। इसमें पिता, बहन, भाई, शिक्षक और मित्रों के लिए लिखी कविताएँ भी शामिल हैं। बच्चों विशेषकर बेटियों के लिए लिखी कविताएँ पाठकों के हृदय को छू लेंगी। अधिकांश कविताएँ कवि की पत्नी प्रीति को समर्पित हैं, जिनसे प्रेरित होकर कवि ने अपनी लेखनी की शुरुआत की। यह संग्रह उस रूढ़िवादी सोच को भी तोड़ता है जहाँ पति-पत्नी के रिश्ते को केवल चुटकुलों या दोषारोपण से आँका जाता है। कवि इन्हें जीवन-यात्रा के दो पहिये मानते हैं, जिनके लिए प्रेम और समझ अनिवार्य है।

इसके अतिरिक्त, कवि ने सामाजिक घटनाओं पर आधारित कविताएँ भी लिखी हैं, जिनमें समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारियों और सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाया गया है। 'ऑपरेशन सिंदूर' और पहलगाम आतंकी हमले के शहीदों को समर्पित कविताएँ देशभक्ति और संवेदना से परिपूर्ण हैं।

अंतिम भाग में ईश्वर के विभिन्न स्वरूपों पर कविताएँ हैं, जो पाठक के मन में भक्ति, आनंद और समर्पण का भाव जगाती हैं। विशेष रूप से 'जन जन के राम' और 'श्री जगन्नाथ' जैसी कविताएँ श्रद्धा और प्रेम से ओतप्रोत हैं।

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