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प्रितचिंतन (Edition1st) - Tapa blanda

वाजपे, प्रिती

 
9789371567893: प्रितचिंतन (Edition1st)

Sinopsis

मेरे विचारों को शब्दों का रूप देने का मैने प्रयास किया है। मैं आशा करती हूं, कि आप मेरी कविताएं आपके जीवन में आए अनुभवों से जुड़े हुए पाएंगे।विचारों को शब्दों का रूप देने से मन किसी अदृश्य बोझ से मुक्त हो जाता है। जिस प्रकार नदी का बहता पानी शुद्ध कहलाता है वैसे ही बहता मन शुद्ध और समृद्ध होता है।

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Acerca del autor

लेखिका पिछले १३ साल से शासकीय सेवा में कार्यरत है। संख्याशास्त्र (Statistics) में पोस्ट ग्रेजुएशन के साथ साथ मराठी भाषा में भी पोस्ट ग्रेजुएशन किया है! और मराठी भाषा की UGC NET उत्तीर्ण की है। संख्याशास्त्र और भाषा दोनोही विषयों में समान रुचि रखती है। मराठी भाषा में प्रायः लेखन करती है। हिंदी भाषा में लिखने का यह प्रथम प्रयास है। भाषा से विशेष लगाव रहा है। इनका मानना है कि, मन को हलका करने के लिए लेखन एक उमदा माध्यम है और कागज कलम जिसके मित्र है वह व्यक्ति कभी अकेला नहीं होता।

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