पहली लाइन गालिब की, पर बाकी ग़ज़ल मेरी - Tapa blanda

बेनिशाँ

 
9789369544554: पहली लाइन गालिब की, पर बाकी ग़ज़ल मेरी

Sinopsis

इस संग्रह में सिर्फ गालिब ही नहीं बल्कि और भी कई मशहूर शायर हैं जिनके उपर मैंने हाथ साफ किया है। पता नहीं आपको ये गजलें पसंद आएगी या नहीं क्यों कि तर्ज इनकी सूफियाना है।

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Acerca del autor

बेनिशाँ का असली नाम योगेश कुमार है। ये पिछले 20 वर्ष से कनाडा निवासी हैं।इसके पहले आप भारत में पढ़े, इंजीनियर बने व भारत में नौकरी की।बेनिशाँ ने उर्दू की पढ़ाई नहीं की, न ही वे उर्दू लिपि पढ़ - लिख सकते हैं।आपकी गजलों की रचना सूफियाना तरीके पर है। उनके शब्दों में गजलें लिखना उनके लिए "इबादत का तरीका है"। जीव व ईश्वर के बीच की वार्ता है।

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