ज़िन्दगी: कुछ लम्हे अनकही सी - Tapa blanda

 
9789369536382: ज़िन्दगी: कुछ लम्हे अनकही सी

Sinopsis

मेरी यह कविता संग्रह जिन्दगी के उन खास पलों को बयाँ करती है जो अक्सर अनकहे रह जाते हैं। ये लम्हे कभी खुशी देते हैं, कभी ग़म, लेकिन हर एक अनुभव ज़िंदगी को और गहराई से समझने का मौका देता है। कविता जीवन के सफ़र, यादों, रिश्तों और उन भावनाओं की बात करती है जो शब्दों से परे होती हैं। यह पाठक को सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे छोटी-छोटी बातें भी ज़िंदगी में बड़ा असर छोड़ जाती हैं।

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