ज़िन्दगी: कुछ लम्हे अनकही सी: कुछ लम्हे अनकही सी - Tapa blanda

Kumar, Anu R

 
9789369536382: ज़िन्दगी: कुछ लम्हे अनकही सी: कुछ लम्हे अनकही सी

Sinopsis

मेरी यह कविता संग्रह जिन्दगी के उन खास पलों को बयाँ करती है जो अक्सर अनकहे रह जाते हैं। ये लम्हे कभी खुशी देते हैं, कभी ग़म, लेकिन हर एक अनुभव ज़िंदगी को और गहराई से समझने का मौका देता है। कविता जीवन के सफ़र, यादों, रिश्तों और उन भावनाओं की बात करती है जो शब्दों से परे होती हैं। यह पाठक को सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे छोटी-छोटी बातें भी ज़िंदगी में बड़ा असर छोड़ जाती हैं।

"Sinopsis" puede pertenecer a otra edición de este libro.

Acerca del autor

मेरा नाम अनु र कुमार है,मैं बिहार के पूर्णियाँ शहर से हूँ और वर्तमान में मैं नोएडा प्रवासी हूँ ।जीवन के अलग-अलग पड़ावों से गुजरते हुए, मैंने महसूस किया कि ज़िंदगी हर दिन कुछ नया सिखाती है - कभी खुशी, कभी ग़म, कभी खामोशी, और कभी अनकहे एहसास। कविता मेरे लिए केवल शब्द नहीं, बल्कि आत्मा की आवाज़ है। "जिन्दगी कुछ लम्हे अनकहे से" मेरी कोशिश है उन भावनाओं को शब्दों में ढालने की, जो अक्सर दिल में रह जाती हैं। यह पुस्तक मेरे दिल के बहुत करीब है, और मुझे उम्मीद है कि यह पाठकों के दिलों तक भी पहुँचेगी।

"Sobre este título" puede pertenecer a otra edición de este libro.