सारा राय की ये कहानियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि साहित्य और वर्तमान सन्दर्भ में हिन्दी साहित्य ने आगे बढ़ना बन्द नहीं किया है और वह बिना शोर मचाए, प्राय: चुपचाप, प्रगति की दिशा में नए क़दम रखता चला जा रहा है। सम्पन्न कहानी के लिए अब तक घटनाओं की बहुलता आवश्यक होती थी, परन्तु अब बहुत कम, बहुत सामान्य और रोज़मर्रा की ज़िन्दगी पर बहुत सफल कलात्मक कहानी लिखी जा सकती है। निर्मल वर्मा के शब्दों में, ‘‘विवरणात्मक कहानी की लगभग मृतप्राय शैली को (जिसमें बातचीत लगभग नहीं के बराबर है) सारा राय ने यदि इतने सधे, संवेदनशील ढंग से पुनर्जीवित किया है तो उसके पीछे उनकी तीक्ष्ण और जिज्ञासापूर्ण दृष्टि है...। इससे एक अजीब भ्रम उत्पन्न होता है—विवरण कहानी लेखिका देती है लेकिन जो आवाज़ सुनाई देती है, वह उन वस्तुओं और पात्रों के मुँह से जिनके बारे में विवरण दिया जा रहा है।...यदि फार्सटर के कथन 'ओनली कनेक्ट’ में कला का मर्म छिपा है तो सारा राय में उसकी विलक्षण प्रतिभा है।’’ निश्चय ही, इस संकलन की बारह कहानियाँ साहित्य में मील के पत्थर के समान हैं।
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Librería: Biblios, Frankfurt am main, HESSE, Alemania
Condición: New. pp. 143. Nº de ref. del artículo: 18405308805
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