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ye sach hai, yahee sach hai: Hindi Poetry Collection - Tapa blanda

Sinha, Rajesh

 
9789358981445: ye sach hai, yahee sach hai: Hindi Poetry Collection

Sinopsis

जिंदगी में हमें क्या चाहिए ? थोड़ा सा सुकून, थोड़ा सा प्यार, थोड़ा सा सहयोग और थोड़ा सा सामंजस्य। लेकिन ये सब एक जगह, एक घर में, एक शहर में कहाँ मिलता है? इसके लिए लड़ाइयाँ लड़नी पड़ती हैं, जद्दोजहद करना पड़ता है। आज का परिवेश बदल गया है। संघर्षशील व्यक्ति कुंठित हो जाता है और उसके मन को बहुत ठेस लगती है। वहीं, अहंकारी और निष्काम व्यक्ति सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ता जाता है और धन दौलत से परिपूर्ण हो जाता है। कवि जिंदगी को जितने सूरतों में देखता है, उसे अपने तौर पर पेश करता है। जिंदगी के हुस्न की कहानरी हो या उसकी बदसूरती का बयान, सब को अपने दामन में समेट कर चलती है। इस का अंदाजा यहाँ प्रस्तुत संकलन ये सच है, यही सच है से लगाया जा सकता है।

राजश सिन्हा का पारचयः

राजेश सिन्हा जन्म स्थानः झांसी, उत्तर प्रदेश

वर्तमान में मुंबई के निवासी है।

राजेश सिन्हा एक बहुमुखी व्यक्तित्व के धनी हैं, जो एक उद्यमी है जिन्होंने इवेंट मैनेजमेंट एवं मीडिया के क्षेत्र में अपना नाम स्थापित किया है. उनकी रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र विविध हैं, और उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। राजेश सिन्हा ने अपने व्यवसायिक जीवन में कई सफल प्रतिष्ठानों की स्थापना की है।

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